" यूजीसी के 5 मार्च के आरक्षण रोस्टर सर्कुलर के विरुद्ध क्रमिक अनशन के तीसरे दिन जिलाधिकारी कार्यालय में ज्ञापन सौंपा"


आज इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र संघ भवन के सामने अकादमिक जस्टिस संयुक्त मोर्चा समिति के बैनर तले शोध छात्रों ने यूजीसी के विभागवार और विषयवार रोस्टर आरक्षण प्रणाली के विरुद्ध क्रमिक अनशन किया का तीसरा दिन था ।यूजीसी रेगुलेशन 2006 के अनुसार नियुक्तियों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति,  पिछड़ा वर्ग, तथा विकलांगों को अभी तक विश्वविद्यालय तथा महाविद्यालय को इकाई मानकर नियुक्ति में आरक्षण दिया जाता था जिसे यूजीसी ने 5 मार्च को सर्कुलर के माध्यम से परिवर्तित कर विभाग तथा विषय को इकाई मानकर नियुक्ति करने का फरमान जारी किया है।
ज्ञापन में बताया गया कि सर्कुलर से ओबीसी,एससी,एसटी के उच्च शैक्षिक संस्थाओं  में प्रतिनिधित्व  पर अत्यधिक कमी होगी जो संविधान की सामाजिक न्याय की मूल भावना के विपरीत है। माननीय राष्ट्रपति जी से निम्नलिखित फरियाद की गई ः

1. UGC के 5 मार्च 2018 को जारी किए गए सर्कुलर को तुरंत निरस्त करें
2.सर्वप्रथम बैकलॉग की सीटों को विज्ञापित किया जाए और उन पर नियुक्तियां की जाएं 
3. भारत के सभी विश्वविद्यालयों में 5 मार्च के UGC के सर्कुलर के अनुसार वर्तमान में चल रही असिस्टेंट प्रोफेसर एसोसिएट प्रोफेसर और प्रोफेसर की भर्तियों पर तत्काल रोक लगा दी जाए
4. इसके लिए केंद्र सरकार संसद में एक बिल पेश कर आरक्षण पर एक अधिनियम बनाएं। उ.प्र. विधान सभा भी ऐक्ट बनाए।
5.अधिनियम बनने तक केंद्र सरकार और उ.प्र. .सरकार एक अध्यादेश जारी करें जिसमें यह प्रावधान हो कि शैक्षणिक संस्थानों को पूर्व की भांति संस्थान को यूनिट मानकर आरक्षण रोस्टरकिया जाएगा।
जिलाधिकारी की ओर से ACM-1 रिंकी जायसवाल जी ने ज्ञापन  लिया।
आज ज्ञापन देने वाले छात्रों में रंजीत कुमार सरोज (SFR) अवनीश यादव (अध्यक्ष) रामकरण निर्मल, विजय कुमार, संदीप कुमार, अविनाश विद्यार्थी राहुल पटेल, शिव बली, विजय यादव ,राजेंद्र कनौजिया, डीपी सरोज आशीष ,रत्नेश, कमलेश सिंह ,अनिरुद्ध सिंह रविंद्र कुमार  डॉक्टर संजय कनौजिया  ,दीप कुमार देवेंद्र गिरी, जैनेंद्र चौधरी , अजय अहिरवार,  अमरजीत चक्रवर्ती आदि मौजूद थे।

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