यूजीसी के 5 मार्च के आरक्षण रोस्टर सर्कुलर के विरुद्ध क्रमिक अनशन के छठे दिन वकीलों ने अनशनकारियों को समर्थन दिया।

आज इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र संघ भवन के सामने अकादमिक जस्टिस संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले छात्रों ने यूजीसी की विभागवार और विषयवार रोस्टर आरक्षण प्रणाली के विरुद्ध छठे दिन क्रमिक अनशन किया । आज ऐडवोकट एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष अजीत भाष्कर ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि एडवोकेट एसोसिएशन छात्रों शोधार्थियों और अध्यापकों के इस संयुक्त आंदोलन का पूरा समर्थन करती है और भारतीय संविधान में सामाजिक न्याय की मूल भावना का उल्लंघन नहीं होना चाहिए । केंद्र सरकार आरक्षण को समाप्त करना चाहती है और जो काम है सीधे तौर पर नहीं कर पाती वह कोर्ट के माध्यम से कर रही है।  इस साजिश के विरुद्ध हमारा संघर्ष जारी है।इसी क्रम में हाल ही में विगत 5 मार्च 2018 को यूजीसी ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का बहाना बनाते हुए एक शासनादेश के द्वारा आरक्षण लागू करने का एक नया ही जनविरोधी सिद्धांत दिया है ।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय  के छात्र संघ के अध्यक्ष अवनीश यादव ने कहा कि अकादमिक न्याय  संयुक्त संघर्ष  मोर्चा के  5 दिनों के  क्रमिक अनशन का असर  दिल्ली में हुआ है  और मानव संसाधन विकास मंत्रालय इसी सप्ताह सुप्रीम कोर्ट में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के विभागवार विषयवार रोस्टर आरक्षण प्रणाली के निर्णय विरुद्ध स्पेशल लीव पिटीशन दायर करेगी ।यह प्रारंभिक सफलता है परंतु हमारा आंदोलन जब तक हमारे लक्ष्य पूरे नहीं हो जाते तब तक चलेगा। सरकार दबाव में तो है परंतु कोर्ट में SLP दायर करना मामले को लटकाने की भावना से प्रेरित भी हो सकता है।
स्कॉलर फार रिप्रेजेंटेशन के समन्वयक रंजीत सरोज ने कहा कि इलाहाबाद सहित  सभी विश्वविद्यालयों में  भर्तियों में  बड़ी तेजी दिखाई जा रही है  आखिर यह तेजी  पहले क्यों नहीं दिखाई गई  जबकि  5 मार्च के आरक्षण रोस्टर के विरुद्ध सरकार इसी सप्ताह  एक  एसएलपी दायर करने जा रही है  जिससे  संविधान द्वारा प्रदत्त ओबीसी एससी एसटी के प्रतिनिधित्व को पुनर्स्थापित किया जा सके।  यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा  जब निम्नलिखित मांगे न मान ली जाए:

1. UGC के 5 मार्च 2018 को जारी किए गए सर्कुलर को तुरंत निरस्त करें
2.सर्वप्रथम बैकलॉग की सीटों को विज्ञापित किया जाए और उन पर नियुक्तियां की जाएं
3. भारत के सभी विश्वविद्यालयों में 5 मार्च के UGC के सर्कुलर के अनुसार वर्तमान में चल रही असिस्टेंट प्रोफेसर एसोसिएट प्रोफेसर और प्रोफेसर की भर्तियों पर तत्काल रोक लगा दी जाए
4. इसके लिए केंद्र सरकार संसद में एक बिल पेश कर आरक्षण पर एक अधिनियम बनाएं। उ.प्र. विधान सभा भी ऐक्ट बनाए।
5.अधिनियम बनने तक केंद्र सरकार और उ.प्र. .सरकार एक अध्यादेश जारी करें जिसमें यह प्रावधान हो शैक्षणिक संस्थानों को पूर्व की भांति संस्थान को यूनिट मानकर आरक्षण रोस्टर किया जाएगा।
आज के क्रमिक अनशन में रंजीत कुमार सरोज अवनीश यादव विजय कुमार सरोज  अनिरुद्ध कुमार सिंह चंद्र भूषण भारती पंकज चौधरी राहुल पटेल रजनीश कुमार रामकरण रामकरन निर्मल विजय कुमार यादव अभिषेक कुमार आनंद कुमार शिव बली यादव अमित कुमार सरोज आदि उपस्थित  रहे।

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