" बीएचयू में यूजीसी और एमएचआरडी के खिलाफ शोध छात्रों का प्रोटेस्ट"

 आज बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी  के शोध छात्रों द्वारा विश्वविद्यालय में प्रोटेस्ट किया गया और UGC के फरमान को सिरे से नकार दिया गया क्योंकि यह एक जन विरोधी फैसला है जिससे संबंधित समुदाय का कोई भी छात्र भविष्य में असिस्टेंट प्रोफेसर नहीं बन पाएगा उनका प्रोफेसर बनने का सपना कभी भी साकार नहीं हो सकता ऐसा इसलिए होगा क्योंकि जब नियुक्तियों में आरक्षित सीटें होती थी तब भी किसी न किसी  बहाने से   उसे नहीं भरा जाता था और  सीट होने पर भी हमारी नियुक्ति नहीं हो पा रही थी  हमारी सीट को  बैकलॉग में डाल दिया जाता था तो सामान्य सीट पर हमें नियुक्ति  मिल पाना असंभव है।
छात्रों ने कहा  की यूजीसी सर्कुलर 2018 को तुरंत निरस्त किया जाए और पूर्ववत चल रही व्यवस्था को तब तक रखा जाए जब तक इस पर कोई एक्ट नहीं बन जाता। शोध छात्रों में यूजीसी के इस निर्णय से बहुत रोष व्याप्त है ।

वह तब तक प्रोटेस्ट करेंगे जब तक यूजीसी  अपने निर्णय को वापस नहीं ले लेता। भारत की लगभग सभी विश्वविद्यालयों में यूजीसी के इस फरमान के खिलाफ प्रोटेस्ट चल रहा है परंतु अभी तक कोई भी सक्रिय कदम ना तो यूजीसी की तरफ से उठाया गया और ना ही एमएचआरडी की तरफ से ।
आज के प्रोटेस्ट में दिव्यांग छात्रों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया जिसमें राकेश कुमार सिंह अवधेश राणा सुनील यादव महेंद्र श्रीवास्तव राकेश गौतम लक्ष्मी कुमारी सुनीता यादव अपर्णा आदि शामिल थे।

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